अकादमी परिचय

हरियाणा साहित्य अकादमी : एक अवलोकन

- सुश्री कुमुद बंसल

हरियाणा की प्राचीन सभ्यता व संस्कृति का इतिहास गौरवशाली रहा है। विश्व के पहले गणराज्य की जन्मभूमि होने का गौरव भी हरियाणा को ही प्राप्त है। हरियाणा की साहित्यिक परंपरा सरस्वती नदी के किनारे वन्य प्रान्तर में वेदों की रचना से आरंभ होती है- तत्पश्चात महर्षि वेद व्यास द्वारा महाभारत की रचना एवं श्रीकृष्ण द्वारा कुरूक्षेत्र में अर्जुन को गीतोपदेश से होती हुई- संत कवि सूरदास, मार्केडय, पं. लखमीचंद, हाली पानीपती, संतोख सिंह, बाबा फरीद के दिखाये मार्ग पर चल कर वर्तमान तक पहुंची है। इस बीच अनेकों विद्वानों ने साहित्य पर्व में आहुति दी जिनका उल्लेख आगे किया जाएगा। इसी पुण्य धरा पर वेदों, पुराणों तथा उपनिषदों की रचना हुई। प ्रदेश की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि के लिये हरियाणा साहित्य अकादमी के अध्यक्ष माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्ग-दर्शन में अकादमी द्वारा साहित्य विकास की विभिन्न योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। जैसे- प्रदेश में उदीयमान लेखकों को प्रोत्साहित करना, प्रतिष्ठित साहित्यकारों का सम्मान करना, लोक साहित्य का संरक्षण करना, श्रेष्ठ कृतियों को पुरस्कृत करना, पुस्तक प्रकाशन के लिये अनुदान उपलब्ध करवाना, साहित्यिक परिवेश की समृद्धि के लिये लेखक गोष्ठियों, कवि सम्मेलनों, कविता गोष्ठियों आदि साहित्यिक आयोजन किये जाते हैं। अपने गठन से लेकर लगभग 32 वर्ष की अल्पावधि में अकादमी द्वारा प्रदेश की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करते हुए समकालीन रचनाशीलता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में विशेष भूमिका अदा की है। अकादमी द्वारा प्रदेश के 130 वरिष्ठ साहित्यकारों को सम्मानित किया गया है तथा विभिन्न वर्गों के अन्तर्गत 221 श्रेष्ठ कृतियों को पुरस्कृत किया गया है। अकादमी के सौजन्य से अब तक हरियाणा अधिवासी लेखकों की 460 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि जब से माननीय मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश की बागडोर संभाली थी तब अकादमी की बजट राशि 45 लाख थी जो आज बढ़ कर 3 करोड़ रुपये हो चुकी है। माननीय मुख्यमंत्री महोदय के मार्गदर्शन में अकादमी राज्य के साहित्यिक विकास में नये प्रतिमान स्थापित करने में प्रयासरत है। हरियाण साहित्य अकादमी द्वारा गत वर्षों पुरे प्रदेश में विशेषकर देहात में जाकर अनेक आयोजन करवाए गए हैं। अकादमी ग्रामीण अंचलों तथा जिला जेलों जैसे स्थानों पर भी प्रेरणाप्रद आयोजन करवा रही है।

प्रदेश में उच्च साहित्यिक प्रतिमान स्थापित करने, विभिन्न भाषाओं की साहित्यिक गतिविधियों में समन्वय स्थापित करने, हरियाणा की सांस्कृतिक व साहित्यिक विरासत में शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार, शिक्षा विभाग की अधिसूचना क्रमांक 9/13/79 शि (1), दिनांक द्वारा 25 जुलाई, 1971 को हरियाणा साहित्य अकादमी का गठन किया गया। अकादमी का प्रशासनिक नियंत्रण सूचना, जन सम्पर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग को स्थानांतरित होने के परिणामस्वरूप हरियाणा सरकार, सूचना, जन सम्पर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की अधिसूचना क्रमांक 8/38/9-3वीपी सी. दिनांक 26.08.2011 को अकादमी का पुनर्गठन किया गया।

हरियाणा साहित्य अकादमी के उद्देश्य और कार्य निम्रानुसार निर्धारित किये गये-

  • हिन्दी तथा हरियाणवी को प्राथमिकता देते हुए भाषाओं व साहित्य को बढ़ावा देने हेतु साहित्यकारों के मध्य सहयोग को प्रोत्साहित करना।
  • हरियाणा राज्य के लोगों में इन भाषाओं इनके साहित्य के अध्ययन व प्रचार को प्रोत्साहित करने हेतु।
  • भारतीय भाषाओं और साहित्य, इतिहास, संस्कृति में हरियाणा के योगदान पर शोध कार्य को बढ़ावा देना।
  • उच्च ऐतिहासिक, कलात्मक व साहित्यिक दृष्टि से मूल्यवान पांडुलिपियों का संरक्षण तथा उनका प्रकाशन करना।
  • हरियाणा के लेखकों की विभिन्न साहित्यिक विधाओं में रचनाओं के संकलन प्रकाशित करना।
  • उच्च साहित्यिक स्तर की रचनाओं का दूसरी भाषाओं में अनुवाद करना। शोध पत्रिका का प्रकाशन करना।
  • भाषा तथा साहित्यकारों से सम्बद्ध मुख्य दिवस/जयंतियॉ मनाना। जीवनी, शब्दकोश, इन्साइक्लोपीडिया, शब्दावलियों का प्रकाशन करना तथा इस कार्य में लगे संगठनों/व्यक्तियों को सहयोग करना।
  • साहित्यिक सम्मेलन, गोष्ठियॉं तथा पुस्तक प्रदर्शनी आयोजित करना या प्रायोजित करवाना।
  • श्रेष्ठ साहित्यिक कृतियों के लिए पुरस्कार प्रदान करना तथा उल्लेखनीय योगदान के लिए साहित्यकारों का सम्मान करना।
  • लोक साहित्य के संरक्षण व शोध को प्रोत्साहित करना।
  • राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से अचल सम्पत्ति की स्थिति में अकादमी की चल अचल सम्पत्ति जुटाना।
  • अन्य कार्य जो इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिये जरूरी हों।
निदेशक

अकादमी की संरचना

अध्यक्ष

श्री मनोहर लाल

माननीय मुख्यमंत्री, हरियाणा

वरिष्ठ उपाध्यक्ष -1

 

माननीय मंत्री, सूचना, जनसम्पर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग

वरिष्ठ उपाध्यक्ष-2

श्री राम शर्मा

माननीया शिक्षामंत्री, हरियाणा

कार्यकारी उपाध्यक्ष

श्रीमती धीरा खंडेलवाल

अतिरिक्त मुख्य सचिव, सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग

निदेशक

कुमुद बंसल

उप अध्यक्ष

श्री राधेश्याम शर्मा

शासी परिषद के सदस्य

पदेन सदस्य

  1. प्रधान सचिव,
    हरियाणा सरकार, वित्त विभाग
  2. प्रधान सचिव,
    हरियाणा सरकार, पर्यटन विभाग,
  3. प्रधान सचिव,
    हरियाणा सरकार, उच्चतर शिक्षा विभाग,
  4. प्रधान सचिव,
    हरियाणा सरकार, माध्यमिक शिक्षा विभाग
  5. महानिदेशक, सूचना, जनसम्पर्क एवं
    सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा
  6. महानिदेशक/आयुक्त, उच्चतर शिक्षा, हरियाणा
  7. महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा, हरियाणा
  8. कुलपति, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक
  9. कुलपति, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र
  10. कुलपति, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार
  11. सचिव, केंद्रीय साहित्य अकादमी, दिल्ली
  12. निदेशक, हरियाणा इतिहास व संस्कृति अकादमी, गुडग़ांव
  13. निदेशक, हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी, पंचकूला
  14. निदेशक, हरियाणा उर्दू अकादमी, पंचकूला
  15. निदेशक, हरियाणा संस्कृत अकादमी, पंचकूला
  16. निदेशक, हरियाणा कला परिषद्, चंडीगढ़
  17. निदेशक, हरियाणा साहित्य अकादमी, पंचकूला - सदस्य सचिव

10 गैर सरकारी सदस्य
सरकार द्वारा समय समय पर नामित

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