सूचना-पत्र

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लेखकों एवं संस्थाओं के लिए

सूचना-पत्र

 

 

 

  

हरियाणा साहित्य अकादमी

अकादमी भवन, पी-16, सेक्टर-14, पंचकूला-134113

दूरभाष : 0172-2565521, 2581807

Website : haryanasahityaakademi.org

email address : directorhsapkl@gmail.com

 

हरियाणा अधिवासी की परिभाषा

1.        

क)

हरियाणा राज्य के कर्मचारी राज्य में अथवा राज्य से बाहर सेवारत अथवा प्रतिनियुक्त पर।

(ख)

हरियाणा सरकार के कार्य से संबंधित भारत सरकार के कर्मचारी, जो चण्डीगढ़ अथवा हरियाणा में सेवारत हैं।

(ग)

हरियाणा सरकार के किसी अधिनियम अथवा किसी केन्द्रीय अधिनियम के अधीन संस्थापित स्थानीय निकाय / निगम के कर्मचारी जो हरियाणा अथवा चण्डीगढ़ में सेवारत हों।

(घ)

ऐसी स्वायत्तशासी संस्थाओं, जिनमें हरियाणा सरकार के 26 प्रतिशत या अधिक हिस्से हों, के कर्मचारी।

2

वे व्यक्ति जो सेवा निवृति के पश्चात् स्थायी रूप से हरियाणा में बसगए हैं और हरियाणा राज्य में स्थित खजानों से अपनी पेन्शन प्राप्त करते हैं।

3

हरियाणा सरकार के पेन्शन-भोगी, चाहे ऐसे पेन्शन-भोगी मूलत: हरियाणा से भिन्न किसी राज्य के हों अथवा सेवा निवृति के बाद हरियाणा में या हरियाणा से बाहर बस गये हों।

4

वे व्यक्ति जिनका स्थायी निवास हरियाणा में हो, इनमें वे व्यक्ति सम्मिलित हैं जो कम से कम 15 वर्ष की अवधि से हरियाणा में रह रहे हैं अथवा जिनका स्थाई निवास हरियाणा में है परन्तु जो अपने व्यवसाय के कारण हरियाणा से बाहर रह रहे हैं।

5

ऐसे व्यक्तियों की पत्नियां जो हरियाणा राज्य के वास्तविक निवासी हैं, चाहे विवाह से पूर्व वे अन्य किसी राज्य से संबंद्ध हों।

6

वे व्यक्ति जिनका जन्म हरियाणा में हुआ हो।

(क)

जो भारत के नागरिक हैं, तथा

(ख)

जिन्होंने किसी दूसरे राज्य के अधिवासी होने का कोई लाभ प्राप्त नहीं किया है।

 

सूचना पत्र

 1. निम्नलिखित पुरस्कारों के लिए विद्वानों के नामों के प्रस्ताव आमन्त्रित हैं:

1 आजीवन साहित्य साधना सम्मान : हिन्दी / हरियाणवी भाषा के साहित्यकार
2 पं. माधवप्रसाद मिश्र सम्मान (हरियाणा साहित्य रत्न सम्मान) : हिन्दी / हरियाणवी भाषा के साहित्यकार
3 महाकवि सूरदास सम्मान : हिन्दी / हरियाणवी भाषा के साहित्यकार
4 बाबू बालमुकुन्द गुप्त सम्मान (हिन्दी साहित्य) : हिन्दी साहित्यकार
5 लाला देशबन्धु गुप्त सम्मान (साहित्यिक पत्रकारिता) : साहित्यिक पत्रकारिता में योगदान
6 पं. लखमीचन्द सम्मान के साहित्यकार : हरियाणा की भाषा, कला, संस्कृति, इतिहास तथा लोक साहित्य
7 जनकवि मेहर सिंह सम्मान साहित्यकार : हरियाणा की भाषा, कला, संस्कृति, इतिहास तथा लोक साहित्य के
8 हरियाणा गौरव सम्मान साहित्य सृजन कर रहे हों। : हरियाणा में जन्मे ऐसे साहित्यकार जो हरियाणा से बाहर रहकर
9 आदित्य-अल्हड़ हास्य सम्मान (राष्ट्रीय स्तर पर) : हिन्दी/ हरियाणवी के रचनाकार
10 श्रेष्ठ महिला रचनाकार सम्मान हिन्दी / हरियाणवी की रचनाकार

 

1.         पात्रता इत्यादि सम्बन्धी विवरण संलग्न प्रपत्र-1 में 28 फरवरी, 2013 तक भेजा जा सकता है। नियमावली पृष्ठ 7-11 पर देखें।

2.         हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा वर्ष 2013 के लिए हिन्दी,हरियाणवी अंग्रेजी में श्रेष्ठ कृति पुरस्कार योजना के लिए प्रविष्टियां 28 फरवरी, 2013 तक आमंत्रित हैं। पहली जनवरी, 2012 से 31 दिसम्बर, 2012 तक प्रकाशित पुस्तकें इस प्रतियोगिता में शामिल की जा सकेंगी। अंगे्रजी भाषा की स्थिति में कृतियां 1 जनवरी 2010 से 31 दिसम्बर 2012 के दौरान प्रकाशित होनी चाहिए। नियमावली पृष्ठ 12-13 पर प्रस्तुत है तथा आवेदन-पत्र के लिए प्रपत्र-2 संलग्न है।

3.         अकादमी द्वारा हरियाणा के हिन्दी तथा हरियाणवी के लेखकों की अप्रकाशित रचनाओं की पाण्डुलिपियां 28 फरवरी, 2013 तक अकादमी में पहुंच जानी चाहिए। योजना की नियमावली सूचना-पत्र के पृष्ठ 14-15 पर प्रस्तुत है तथा आवेदन-पत्र के लिए प्रपत्र-3 संलग्न है।

4.         अकादमी द्वारा वर्ष 2013 के लिए हिन्दी कहानी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां 28 फरवरी, 2013 तक आमंत्रित हैं। नियमावली सूचना-पत्र के पृष्ठ 16 पर प्रस्तुत है तथा आवेदन-पत्र के लिए प्रपत्र 4 संलग्न है।

5.         स्वयंसेवी संस्थाओं को साहित्यिक उत्सव आयोजित करने के लिए सहायता अनुदान दिया जाता है। नियमावली सूचना-पत्र के पृष्ठ 18-20 पर देखें।

6.         अकादमी द्वारा हिन्दी में एक मासिक साहित्यिक पत्रिका ‘हरिगंधा’ का प्रकाशन किया जाता है। इसके लिए सृजनात्मक एवं समीक्षात्मक दोनों प्रकार की रचनाएं आमंत्रित हैं। पत्रिका में प्रकाशनार्थ रचनाएं भेजने के लिए लेखकों का हरियाणा अधिवासी होना अनिवार्य नहीं है। रचनाएं ई-मेल (directorhsapkl@gmail.com)के माध्यम से भी भेजी जा सकती है।

7.         महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं हेतु नवोदित लेखन प्रतियोगिता :

अकादमी द्वारा महाविद्यालय स्तर पर छात्र-छात्राओं के लिए हिन्दी कहानी व कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। प्रत्येक वर्ग में इस प्रतियोगिता के अन्तर्गत प्रथम, दितीय और तृतीय स्थान पाने वाली रचनाओं को क्रमश: - 5000/-, 4000/- तथा 3000/- रुपये की पुरस्कार राशि तथा प्रमाण-पत्र प्रदान किये जायेंगे। प्रविष्टियां प्राप्ति की अंतिम तिथि 30 नवम्बर, 2013 है। आवेदन के लिए प्रपत्र-5 संलग्न है।

8.         विद्यालय स्तर पर नवोदित लेखन प्रतियोगिता

आरम्भिक चरण में अकादमी द्वारा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय स्तर पर हिन्दी कविता व कहानी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक वर्ग में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली रचनाओं को क्रमश: 5000/-, 4000/- तथा 3000/- की पुरस्कार राशि तथा प्रमाण-पत्र प्रदान किये जायेंगे। प्रविष्टियां प्राप्ति की अंतिम तिथि 30 नवम्बर, 2013 है। आवेदन के लिए प्रपत्र-5 संलग्न है।

9.         प्रदेश के लोक-साहित्य एवं संस्कृति पर शोध कार्य के लिए फैलोशिप प्रदान करना।

प्रदेश के लोक-साहित्य तथा सांस्कृतिक विरासत पर गहन शोध की आवश्यकता के दृष्टिगत साहित्य और संस्कृति पर शोध कार्य के लिए दो शोध फैलोशिप आरम्भ की गई हैं। शोध कार्य की अवधि अधिकतम दो वर्ष होगी। शोध कार्य की प्रगति व प्रस्तुतीकरण के आधार पर शोधकर्त्ता विद्वान को मानदेय राशि जारी की जायेगी। पुस्तक लेखन के लिए अलग से मानदेय नहीं दिया जायेगा।

10.       प्रदेश की साहित्यिक स्तरीय लघु पत्रिकाओं को अनुदान प्रदान करना।

प्रदेश से प्रकाशित होने वाली हिन्दी या हरियाणवी की केवल साहित्यिक स्तरीय पत्रिकाओं को संरक्षण प्रदान करने हेतु अनुदान योजना आरम्भ की गई है। संबद्ध पत्रिका से आवेदन (संपादक का नाम व पता, प्रकाशक, प्रसार संख्या- पतों की सूची सहित, अंक की 2 प्रतियाँ, पंजीयन संख्या तथा संपादक के हस्ताक्षर) प्राप्त होने पर उसे निम्नानुसार अनुदान राशि का प्रावधान है, बशर्ते पत्रिका की पृष्ठ संख्या 48 से कम न हो-

            1. प्रसार संख्या 1000 से अधिक की स्थिति में 5,000/- प्रति अंक।

            2. प्रसार संख्या 500 से 1000 तक की स्थिति में 3,000/- प्रति अंक।

            3. प्रसार संख्या 300 से 500 तक की स्थिति में 2,000/- प्रति अंक।

11.       पाठक पुरस्कार :

आज के अर्थप्रधान समय में श्रेष्ठ साहित्य के प्रचार प्रसार व युवा पीढ़ी को सुरूचि संपन्न बनाने की दिशा में विशेष प्रयासों की जरूरत है। अच्छी कृतियां अधिक से अधिक पाठकों तक पहुचें इसके लिए राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर क्रमश: राष्ट्रीय पाठक शिरोमणि पुरस्कार व राज्य पाठक शिरोमणि पुरस्कार योजना अकादमी के द्वारा आरम्भ की जा रही है। दोनों वर्गों में इस योजना के अन्तर्गत 11000/- 11000/- रूपये की पुरस्कार राशि तथा प्रमाण पत्र प्रदान किए जायेंगे। राज्य स्तर पर युवाओं के लिए कॉलेज तथा विद्यालय स्तर पर 2 पाठक श्री पुरस्कार भी अलग से रखे गए है जिनकी राशि क्रमश:  5000/-, 4000/- रूपये की पुरस्कार राशि व प्रमाण-पत्र प्रदान किये जायेंगे। योजना की नियमावली सूचना-पत्र के पृष्ठ 17 पर प्रस्तुत है तथा आवेदन-पत्र के लिए प्रपत्र 7 संलग्न है। आवेदन की अंतिम तिथि 28 फरवरी, 2013 है।

·         अकादमी के कर्मचारी / अधिकारी तथा शासी परिषद् के सदस्य अकादमी की योजनाओं में भाग लेने के लिए पात्र नहीं होंगे।

·         अकादमी को भेजी जाने वाली किसी भी रचना / आवेदन-पत्र / प्रविष्टि के साथ डाक टिकट या लिफाफा भेजने की आवश्यकता नहीं है।

 

निदेशक,

हरियाणा साहित्य अकादमी, पंचकूला

 

  पुरस्कार पुरस्कार राशि
1 आजीवन साहित्य साधना सम्मान 5.00 लाख रुपये
2 पं. माधवप्रसाद मिश्र सम्मान 2.50 लाख रुपये
3 महाकवि सूरदास सम्मान (हिन्दी/हरियाणवी) 1.50 लाख रुपये
4 बाबू बालमुकुन्द गुप्त सम्मान (हिन्दी साहित्य) 1.00 लाख रुपये
5 लाला देशबन्धु गुप्त सम्मान (साहित्यिक पत्रकारिता) 1.00 लाख रुपये
6 पं. लखमीचन्द सम्मान (हरियाणा की भाषा कला, संस्कृति, इतिहास, लोक साहित्य) 1.00 लाख रुपये
7 जनकवि मेहर सिंह सम्मान (हरियाणा की कला, संस्कृति, इतिहास व लोक साहित्य, हरियाणवी भाषा में विशेष योगदान) 1.00 लाख रुपये
8 हरियाणा गौरव सम्मान (हरियाणा में जन्मे ऐसे साहित्यकार जो हरियाणा से बाहर रहकर हरियाणा के नाम को गौरवान्वित कर रहे हों) : 1.00 लाख रुपये
9 आदित्य-अल्हड़ हास्य सम्मान (राष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी/हरियाणवी हास्य तथा व्यंग्य के क्षेत्र में श्रेष्ठ योगदान के लिए) 1.00 लाख रुपये
10 श्रेष्ठ महिला रचनाकार सम्मान (यह सम्मान ऐसी हरियाणा अधिवासी रचनाकार को दिया जायेगा जिसने हिन्दी/हरियाणवी के साहित्य में उल्लेखनीय योगदान दिया हो) 1.00 लाख रुपये

            रचनाकार को दिया जायेगा जिसने

            हिन्दी/हरियाणवी के साहित्य में

            उल्लेखनीय योगदान दिया हो)

·            सम्मानित किये जाने वाले प्रत्येक साहित्यकार को उक्त राशि के अतिरिक्त शाल, स्मृति चिह्न तथा प्रशस्ति-पत्र भेंट किए जाते हैं।

·           आजीवन साहित्य साधना सम्मान राष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी तथा हरियाणवी साहित्य के प्रति अतुलनीय योगदान के दृष्टिगत प्रदान किया जायेगा। इस योजना के अन्तर्गत सम्मानित विद्वान का हरियाणा अधिवासी होना अनिवार्य नहीं है। इस सम्मान की शेष नियमावली (क्रमांक 5, 68 को छोड़कर) पंडित माधव प्रसाद मिश्र सम्मान के समकक्ष होगी।

·          पंडित माधव प्रसाद मिश्र सम्मान के लिए पात्रता सम्बन्धी नियमावली निम्नानुसार  है :

1.     आयु 65 वर्ष से कम न हो।

2.     हिन्दी/हरियाणवी साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देते हुए निरन्तर रूप से सृजनरत हों। दोनों भाषाओं में रचना करने वाले साहित्यकार का वरीयता प्रदान की जाएगी।

3.     साहित्यकार के रूप में राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान हो।

4.     रचनाएं अन्य भाषाओं में अनूदित होती रही हों अथवा उन पर स्तरीय शोध कार्य हुए हों अथवा पाठ्यक्रम में सम्मिलित रही हों अथवा बहुचर्चित, प्रशंसित एवं विभिन्न संस्थाओं से पुरस्कृत हों।

5.     सम्बंधित व्यक्ति जन्म से हरियाणवी हो व कम से कम गत 10 वर्ष से हरियाणा में रह रहा हो।

6.     जिनका जन्म हरियाणा में न हुआ हो लेकिन कम से कम गत 25 वर्ष से हरियाणा में रहकर साहित्य सृजन कर रहे हों।

7.     सम्बंधित साहित्यकार की पिछले दो वर्ष के दौरान कम से कम एक मौलिक सृजनात्मक पुस्तक अवश्य प्रकाशित होनी चाहिए।

8.     लेखक का अकादमी के किसी एक सम्मान से सम्मानित होना आवश्यक है।

·           महाकवि सूरदास सम्मान के लिए ऐसे हरियाणा अधिवासी साहित्यकारों के नामों पर विचार किया जायेगा जिन्होंने हिन्दी एवं हरियाणवी भाषा एवं साहित्य के प्रति उल्लेखनीय योगदान किया हो। इस सम्मान हेतु विचारार्थ लेखक की कम से कम सात मौलिक सृजनात्मक पुस्तकें प्रकाशित हों और एक पुस्तक अकादमी द्वारा पुरस्कृत भी हो। इस सम्मान हेतु जो लेखक हिन्दी एवं हरियाणवी दोनों भाषाओं से सक्रिय होगा उसे वरीयता दी जायेगी। महाकवि सूरदास सम्मान हेतु लेखक की पिछले दो वर्ष में कम से कम एक मौलिक सृजनात्मक पुस्तक प्रकाशित होनी अनिवार्य है। हिंदी एवं हरियाणवी में सम्मान योग्य साहित्यकार न मिलने की स्थिति में केवल हिन्दी में सक्रिय लेखन में उस लेखक को वरीयता मिलेगी जिसकी एक से अधिक विधाओं में पुस्तकें प्रकाशित हों तथा वह अकादमी के किसी एक सम्मान से सम्मानित हो।

·         बाबू बालमुकुन्द गुप्त सम्मान (हिन्दी साहित्य) के लिए ऐसे हरियाणवी अधिवासी हिन्दी साहित्यकारों के नामों पर विचार किया जायेगा, जिन्होंने हिन्दी भाषा के साहित्य में उल्लेखनीय योगदान किया हो। इस पुरस्कार के लिये साहित्यकार के लेखन में निरंतरता होना आवश्यक है। लेखक की कम से कम पाँच मौलिक रचतात्मक पुस्तकें प्रकाशित होनी आवश्यक हैं। लेखक की अकादमी द्वारा कम से कम एक पुस्तक अवश्य पुरस्कृत होनी चाहिए।

·         लाला देशबन्धु गुप्त सम्मान (साहित्यिक पत्रकारिता) के लिए ऐसे हरियाणा अधिवासी हिन्दी साहित्यकारों के नामों पर विचार किया जायेगा जिन्होंने साहित्यिक पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान किया हो। साहित्यिक पत्रकारिता में रत लेखक किसी समाचार पत्र या पत्रिका में सम्पादक अथवा उपसम्पादक हो या रहा हो अथवा साहित्यिक पत्रकारिता पर उसकी कम से कम दो पुस्तकें प्रकाशित हों और सम्मान हेतु लेखक के आकलन के समय उसका साहित्यिक पत्रकारिता में सक्रिय होना आवश्यक है।  इस पुरस्कार के लिये साहित्यकार के लेखन में निरंतरता होना आवश्यक है।

·            पं. लखमीचन्द सम्मान के लिए ऐसे विद्वानों के नामों पर विचार किया जायेगा, जिन्होंने हरियाणा की भाषा कला, संस्कृति और लोक साहित्य में उल्लेखनीय योगदान किया हो। इन विषयों में उनकी रचनाएं किसी भी भाषा में हो सकती हैं तथा वे भारत के किसी भी भू-भाग के अधिवासी हो सकते हैं। इस पुरस्कार के लिये साहित्यकार के लेखन में निरंतरता होना आवश्यक है। लेखक की कम से कम पाँच मौलिक रचनात्मक पुस्तकें प्रकाशित होनी आवश्यक हैं। लेखक की अकादमी द्वारा कम से कम एक पुस्तक अवश्य पुरस्कृत होनी चाहिए। हरियाणा अधिवासी न होने की स्थिति में पुस्तक पुरस्कार की शर्त लागू नहीं होगी।

 

·          जनकवि मेहर सिंह सम्मान के लिए ऐसे विद्वानों के नामों पर विचार किया जायेगा, जिन्होंने हरियाणा की कला, संस्कृति, इतिहास व लोक साहित्य, हरियाणवी भाषा में विशेष उल्लेखनीय योगदान किया हो। इन विषयों में उनकी रचनाएं किसी भी भाषा में हो सकती हैं तथा वे भारत के किसी भी भू-भाग के अधिवासी हो सकते हैं। इस पुरस्कार के लिये साहित्यकार के लेखन में निरंतरता होना आवश्यक है। लेखक की कम से कम पाँच मौलिक रचनात्मक पुस्तकें प्रकाशित होनी आवश्यक हैं। लेखक की अकादमी द्वारा कम से कम एक पुस्तक अवश्य पुरस्कृत होनी चाहिए। हरियाणा अधिवासी न होने की स्थिति में पुस्तक पुरस्कार की शर्त लागू नहीं होगी।   

 

·         हरियाणा गौरव सम्मान के लिए ऐसे साहित्यकारों के नामों पर विचार किया जायेगा जो हरियाणा में जन्मा हो किन्तु हरियाणा से बाहर रहकर साहित्य के क्षेत्र में हरियाणा के नाम को गौरवान्वित कर रहा हो। इस पुरस्कार के लिये साहित्यकार के लेखन में निरंतरता होना आवश्यक है। लेखक की कम से कम पाँच मौलिक पुस्तकें प्रकाशित होनी आवश्यक हैं। 

 

·         आदित्य-अल्हड़ हास्य सम्मान के लिए ऐसे साहित्यकारों के नामों पर विचार किया जायेगा जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी/हरियाणवी हास्य तथा व्यंग्य के क्षेत्र में श्रेष्ठ योगदान किया हो। इस पुरस्कार के लिये साहित्यकार के लेखन में निरंतरता होना आवश्यक है। लेखक की कम से कम पाँच मौलिक पुस्तकें प्रकाशित होनी आवश्यक हैं। इसके अन्तर्गत हरियाणा अधिवासी की शर्त अनिवार्य नहीं है।

·         श्रेष्ठ महिला रचनाकार सम्मान: यह सम्मान ऐसी हरियाणा अधिवासी रचनाकार को दिया जायेगा जिसने हिन्दी/हरियाणवी के साहित्य में उल्लेखनीय  योगदान दिया हो। इस पुरस्कार के लिये साहित्यकार के लेखन में निरंतरता होना आवश्यक है। लेखिका की कम से कम पाँच मौलिक पुस्तकें प्रकाशित होनी आवश्यक हैं तथा उसकी अकादमी द्वारा कम से कम एक पुस्तक अवश्य पुरस्कृत होनी चाहिए।

 

विशेष :

1.   साहित्यकारों से निवेदन है कि कृपया एक ही सम्मान के लिए प्रस्ताव भेजें।

2.     अकादमी के सम्मान से सम्मानित लेखक के नाम पर दूसरे सम्मान के लिए तीन वर्ष के अन्तराल के पश्चात् ही विचार किया जायेगा। सम्मान प्राप्त साहित्यकार अन्य सम्मान के लिए प्राप्त पुरस्कार के समकक्ष व उससे कम पुरस्कार राशि के सम्मान के लिए पात्र नहीं होगा।

3.     एक भाषा के प्रति उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित साहित्यकार अन्य भाषा (केवल हिन्दी, हरियाणवी की स्थिति में) के प्रति अपने योगदान के दृष्टिगत उस भाषा के लिए दिये जाने वाले समकक्ष सम्मानों के लिए भी पात्र होगें।

4.     आजीवन साहित्य साधना सम्मान, पंडित माधव प्रसाद मिश्र सम्मान एवं महाकवि सूरदास सम्मान प्राप्त साहित्यकार अकादमी की अन्य योजनाओं के लिए पात्र नहीं होंगे।

5.     साहित्यकार सम्मान योजना के अन्तर्गत अकादमी के सम्मानों से अलंकृत साहित्यकार अकादमी की पुस्तक प्रकाशनार्थ प्रोत्साहन योजना के लिए पात्र नहीं होगें।

 

6.     साहित्यकार अपना विवरण प्रपत्र-1 में स्वयं भिजवा सकते हैं अथवा किसी साहित्यिक संस्था/अन्य विद्वान द्वारा सम्मान के लिए नामों की सिफारिश की जा सकती है।

 

7.     साहित्यकारों के चयन के लिए दो स्तरीय प्रणाली अपनाई जायेगी। पहले स्तर पर सम्मान के लिए प्राप्त आवेदनों को अकादमी द्वारा गठित तीन गैर-सरकारी विषय विशेषज्ञों की समिति के समक्ष रखा जायेगा। यह समिति प्रत्येक सम्मान के लिए 3-3 नामों का पैनल तैयार करेगी। समिति सर्वोच्च सम्मानों के लिए संस्तुत लेखकों के साहित्यिक योगदान, निरंतरता व उत्कृष्टता को भी ध्यान में रखेगी।

 

8.     उच्चस्तरीय समिति प्रत्येक सम्मान के लिए साहित्यकारों का अन्तिम चयन करेगी।

 

9.     विशेष साहित्य सेवी सम्मान में उन साहित्यकारों हेतु दिया जाता है जिनका विशेष साहित्यिक योगदान होते हुए भी अकादमी के नियमित सम्मानों की नियमावली के अन्तर्गत नहीं आते। विशेष परिस्थियों में इस सम्मान हेतु साहित्यकार का चयन अकादमी निदेशक व कार्यकारी उपाध्यक्ष द्वारा अध्यक्ष महोदय की स्वीकृति से वर्ष के दौरान किसी भी समय प्रदान किया जा सकता है। इसके लिए कोई आवेदन या नामांकन स्वीकार्य नहीं होगा।

 

I)  श्रेष्ठ कृति पुरस्कार योजना (हिन्दी / हरियाणवी / अंग्रेजी)

अकादमी द्वारा हिन्दी/हरियाणवी/ अंग्रेजी पुस्तक पुरस्कार योजना के निम्नलिखित वर्गों के अन्तर्गत प्रविष्टियां आमंत्रित हैं :-

 

1.         हिन्दी भाषा

            1. कविता

            2. कहानी

            3. लघुकथा

            4. उपन्यास

            5. नाटक

            6. ललित निबन्ध/रचनात्मक निबन्ध/व्यंग्य निबन्ध/जीवनी/यात्रा-विवरण/संस्मरण/आत्मकथा/ डायरी इत्यादि (एक पुरस्कार)

            7. बाल साहित्य

            8. आलोचना

            9. अनुवाद (अन्य भाषाओं से हिन्दी में - मौलिक पुस्तक की प्रति साथ भेजें)

 

2.         हरियाणवी भाषा

 1.         कथा साहित्य

2.         कविता/रागनी

3.         निबन्ध/आत्मकथा/जीवनी/नाटक

4.         लोक साहित्य/लोक संस्कृति/लोक कला  

 

3.         अंग्रेजी भाषा

1.         गद्य एवं पद्य में केवल एक पुरस्कार

 

योजना की नियमावली

 

1.         सभी वर्गों में पुस्तक का मौलिक होना अनिवार्य है। अनूदित पुस्तक पर इस योजना के अन्तर्गत विचार नहीं किया जायेगा। पद्य में अनुवाद पर तथा अनुवाद पुरस्कार योजना के अन्तर्गत यह प्रतिबन्ध लागू नहीं होगा। अमुद्रित पुस्तक पर विचार नहीं किया जायेगा।

2.         अकादमी के आजीवन साहित्य साधना सम्मान, हरियाण साहित्य रत्न सम्मान एवं महाकवि सूरदास सम्मान से सम्मानित लेखकों की पुस्तकों पर इस योजना के अन्तर्गत विचार नहीं किया जायेगा। शेष सम्मानों से सम्मानित साहित्यकार इस योजना में भाग ले सकते हैं।

3.         हरियाणा साहित्य अकादमी के प्रकाशन पुरस्कार के लिए विचारणीय नहीं होंगे।

4.         हिंदी/हरियाणवी की स्थिति में पहली जनवरी, 2012 से 31 दिसम्बर 2012 के दौरान प्रकाशित पुस्तकें ही विचारणीय होंगी। अंग्रेजी की स्थिति में 1 जनवरी 2010 से 31.12.2012 के दौरान प्रकाशित पुस्तकें ही मान्य होगी।

5.         किसी परीक्षा/डिग्री के लिए प्रस्तुत/स्वीकृत शोध-प्रबन्ध अथवा पाठ्य-पुस्तक अथवा पूर्व में प्रेषित स्वीकार्य नहीं होगी।

6.         लेखक संलग्न परिभाषा के अनुसार हरियाणा राज्य का अधिवासी हो तथा वह इस तथ्य का प्रमाण-पत्र देगा तथा यह भी प्रमाण-पत्र देगा कि हरियाणा के अतिरिक्त उसने किसी अन्य राज्य का अधिवासी होने का कोई लाभ प्राप्त नहीं किया है।

7.         किसी एक पुस्तक पर पुरस्कार राशि इक्कीस हजार रुपये तक होगी।

8.         पुरस्कार राशि समद्विभाजित नहीं होगी।

9.         किसी भी लेखक को इस योजना के अन्तर्गत एक से अधिक पुरस्कार नहीं दिया जायेगा।

10.       किसी लेखक की एक पुस्तक पुरस्कृत किये जाने के पश्चात् उसी विधा में तीन वर्ष के अंतराल के अनन्तर ही उसकी अन्य पुस्तक पर पुरस्कार के लिए विचार किया जायेगा। लेखक किसी अन्य विधा में आवेदन कर सकता है।

11.       आरम्भिक पृष्ठों को छोड़ कर पुस्तक में कहीं भी लेखक का नाम मुद्रित नहीं होना चाहिए। ग़ज़ल संग्रह में उपनाम हो सकता है।

12.       गत वर्षों की प्रतियोगिता में सम्मिलित पुस्तकों पर विचार नहीं किया जायेगा।

13.       प्रतियोगिता के लिए पुस्तक की 6 प्रतियां अकादमी को भेजी जायेंगी।

14.       पुरस्कार के लिए चयनित होने के उपरांत पुस्तक की 3 प्रतियां लेखक द्वारा अकादमी को नि:शुल्क प्रदान की जायेंगी।

15.       अकादमी द्वारा घोषित परिणाम अन्तिम होगा।

16.       पुस्तक का आकार कम से कम 80 पृष्ठों का होना चाहिए। बाल साहित्य से संबद्ध पुस्तक का आकार 50 पृष्ठों का भी हो सकता है।

17.       हरियाणवी पुस्तक पुरस्कार योजना में भाग लेने के लिए लेखक का हरियाणा अधिवासी होना अनिवार्य नहीं है।

 

II)    पुस्तक प्रकाशनार्थ प्रोत्साहन योजना:

1.         हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा हरियाणा अधिवासी लेखकों की हिन्दी एवं हरियाणवी में लिखित अप्रकाशित पुस्तकों के प्रकाशन के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। हरियाणवी पुस्तक प्रकाशनार्थ प्रोत्साहन योजना में हरियाणा अधिवासी होना अनिवार्य नहीं है।

2.         साहित्यकार सम्मान योजना के अन्तर्गत अकादमी के सम्मानों से अलंकृत साहित्यकार अकादमी की पुस्तक प्रकाशनार्थ प्रोत्साहन योजना के लिए पात्र नही होगें।

3.         प्रकाशनार्थ प्रोत्साहन हेतु जिस पाण्डुलिपि को प्रस्तुत किया जाये वह सृजनात्मक साहित्य विषयक तथा कविता, नाटक/एकांकी संग्रह, उपन्यास, कहानी संग्रह, निबन्ध संग्रह, लोक साहित्य, समीक्षा या हरियाणा की कला, संस्कृति इतिहास/साहित्य, लोक साहित्य विषयक हो सकती है। किन्तु वह किसी परीक्षा/डिग्री के लिए न लिखी गयी हो और न ही वह पाठ्य पुस्तक या उसकी सहायक पुस्तक हो।

4.         पाण्डुलिपि में संकलित कोई भी रचना पुस्तक रूप में प्रकाशित नहीं होनी चाहिए।

5.         पाण्डुलिपि लेखक की मौलिक रचना होनी चाहिए लेकिन पद्य में भावानुवाद भी इसमें प्रस्तुत किये जा सकते हैं।

6.         उच्च कोटि की साहित्यिक पुस्तक का हिन्दी अनुवाद भी प्रकाशनार्थ प्रोत्साहन हेतु विचारार्थ प्रस्तुत किया जा सकता है। ऐसी पुस्तक के यदि एक अथवा अनेक अनुवाद पहले प्रकाशित हुए हैं तो उनका विवरण भी प्रस्तुत किया जायेगा तथा प्रस्तुत अनुवाद प्रकाशित करवाने के लिए कारण दिया जायेगा। यदि अनुवाद के प्रकाशन के लिए कॉपीराइट एक्ट के अधीन कोई स्वीकृति अपेक्षित है, तो वह भी साथ प्रस्तुत की जायेगी।

7.         प्रकाशनार्थ प्रोत्साहन हेतु प्रस्तुत किसी मूल पुस्तक अथवा हिन्दी अनुवाद को यदि अकादमी स्वयं प्रकाशित करना चाहे तो लेखक की सहमति से इसे अकादमी द्वारा प्रकाशित किया जा सकेगा तथा ऐसी स्थिति में लेखक को 20 प्रतिशत रायल्टी दी जायेगी।

8.         लेखक द्वारा एक से अधिक पाण्डुलिपियां प्रकाशनार्थ प्रोत्साहन हेतु प्रस्तुत की जा सकती हैं, परन्तु एक से अधिक पाण्डुलिपियों के प्रोत्साहन के योग्य पाये जाने की स्थिति में केवल एक ही पाण्डुलिपि के लिए आश्वासन-पत्र जारी किया जायेगा।

9.         किसी एक लेखक को एक पुस्तक पर अनुदान स्वीकृत किये जाने के पश्चात् तीन वर्ष के अन्तराल के अनन्तर ही उसकी अन्य पुस्तक पर प्रकाशनार्थ प्रोत्साहन के लिए विचार किया जायेगा।

10.       प्रकाशनार्थ प्रोत्साहन पुस्तक के अनुमोदित होने पर अकादमी द्वारा कागज, मुद्रण और जिल्दबन्दी के कुल व्यय के रूप में एकमुश्त दस हजार रुपये की राशि पुस्तक प्रकाशन के अनन्तर सहायतानुदान के रूप में दी जायेगी। लेखक द्वारा प्रकाशित पुस्तक की 10 प्रतियां नि:शुल्क अकादमी को भेजनी अनिवार्य होंगी तथा मुद्रित प्रतियों की संख्या बारे प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत किया जायेगा।

11.       पुस्तक के अन्दर मुख पृष्ठ पर निम्नलिखित पंक्ति मुद्रित की जायेगी - हरियाणा साहित्य अकादमी के सौजन्य से प्रकाशित। यह पृष्ठ 3 पर प्रकाशित होना आवश्यक है तथा बाद में अलग से न चिपकाया जाए अन्यथा प्रोत्साहन को निरस्त माना जाएगा।

12.       आवेदन-पत्र भेजने वाले लेखक के लिए जरूरी है कि वह संलग्न परिभाषा के अुनसार हरियाणा का अधिवासी हो। प्रतिभागी उक्त तथ्य का प्रमाण-पत्र देगा तथा यह भी प्रमाण-पत्र देगा कि उसने हरियाणा के अतिरिक्त किसी अन्य राज्य का अधिवासी होने या जन्मा होने का कोई लाभ प्राप्त नहीं किया है।

13.       आवेदन-पत्र भेजते समय लेखक अपनी पाण्डुलिपि की तीन प्रतियां आवेदन-पत्र के साथ अवश्य भेजेगा।

14.       पाण्डुलिपि की प्रति अपने पास सुरक्षित रखें। अकादमी द्वारा कोई प्रति वापस नहीं भेजी जायेगी।

15.       पाण्डुलिपि में प्रथम पृष्ठ को छोड़कर कहीं भी लेखक का नाम नहीं लिखा होना चाहिए।

16.       लेखक द्वारा यह प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया जायेगा कि किसी अन्य राज्य का अधिवासी होने के आधार पर यह पाण्डुलिपि किसी अन्य राज्य को अनुदान के लिए प्रस्तुत नहीं की गई है।

17.       एक बार अकादमी द्वारा अस्वीकृत की गयी पाण्डुलिपि पूर्ण रूप में अथवा आंशिक रूप में पुन: प्रकाशनार्थ  के लिए विचारार्थ प्रस्तुत नहीं की जा सकती है।

18.       पाण्डुलिपि का आकार पुस्तक रूप में कम से कम 80 पृष्ठों का होना चाहिए।

19.       प्रकाशन उपरान्त पुस्तक सत्यापन का अधिकार अकादमी के पास सुरक्षित है।

20.       अकादमी से सम्मान प्राप्त लेखक इस योजना में भाग लेने के पात्र नहीं होगें।

 

III)   हिन्दी कहानी प्रतियोगिता की योजना

1.         केवल हरियाणा अधिवासी लेखक ही इस प्रतियोगिता में भाग ले सकेंगे।

2.         कहानी के आकार सम्बन्धी कोई बन्धन नहीं होगा।

3.         रचना का मौलिक, अप्रकाशित तथा अप्रसारित होना अनिवार्य है।

4.         रचना पर लेखक अपना नाम या अपने सम्बन्ध में कोई संकेत नहीं देगा।

5.         प्रविष्टि-पत्र के साथ लेखक द्वारा कहानी की दो प्रतियां भेजी जायेंगी।

6.         लेखक अपनी केवल एक कहानी ही प्रतियोगिता के लिए भेज सकता है।

7.         कोई लेखक एक से अधिक पुरस्कार प्राप्त करने का अधिकारी नहीं होगा।

8.         अकादमी द्वारा घोषित परिणाम मान्य होगा।

9.         प्रथम, दितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली रचनाओं को क्रमश: 5000/, 4000/- तथा 3000/- रुपये दिये जायेंगे।

10.       पुरस्कृत रचना अकादमी की पत्रिका हरिगन्धा में सम्मिलित की जा सकेगी और इसके लिए अलग से कोई मानदेय नहीं दिया जायेगा।

11.       पुरस्कार राशि-समद्विभाजित नहीं की जायेगी।

12.       पुरस्कृत कहानी अकादमी की पत्रिका में प्रकाशित होने तक अथवा पुरस्कार घोषित होने की तिथि से एक वर्ष की अवधि पूरी होने तक दोनों में से जो भी पहले हो, लेखक द्वारा अन्यत्र प्रकाशित नहीं की जायेगी।

13.       इस प्रतियोगिता में पुरस्कृत होने के उपरांत 3 वर्ष के अन्तराल के पश्चात् ही उस कहानीकार की अन्य कहानी पर विचार किया जायेगा।

14.       इस प्रतियोगिता के अन्तर्गत एक लेखक अधिकतम 5 बार पुरस्कार प्राप्त कर सकता है।

IV        पाठक पुरस्कार योजना

अच्छी कृतियां अधिक से अधिक पाठकों तक पहुँचें इसके लिए राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर क्रमश: राष्ट्रीय पाठक शिरोमणि पुरस्कार व राज्य पाठक शिरोमणि पुरस्कार योजना अकादमी द्वारा आरम्भ की जा रही है। दोनों वर्गों में इस योजना के अन्तर्गत 11000/- 11000/- रुपये की पुरस्कार राशि तथा प्रमाण पत्र प्रदान किए जायेंगे। राज्य स्तर पर युवाओं के लिए कॉलेज तथा विद्यालय स्तर पर 2 पाठक श्री पुरस्कार भी अलग से रखे गए हैं जिनकी राशि क्रमश:  5000/-, 4000/- रुपये की पुरस्कार राशि व प्रमाण-पत्र प्रदान किये जायेंगे।

योजना की नियमावली

1.         राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर प्रदान किये जाने वाले पाठक शिरोमणि पुरस्कार:

1)         आवेदनकर्त्ता पाठक को गत एक वर्ष के दौरान 15 पुस्तकों का समीक्षात्मक संक्षिप्त टिप्पणी/ सार  अथवा पुस्तक पर विचार (यदि वह किसी पत्र पत्रिका में प्रकाशित है तो फोटो प्रतियां) एवं 20 लेखकों या पत्रिकाओं को रचनाओं पर लिखे प्रतिक्रिया पत्रों की फोटो प्रतियां पूरे विवरण सहित भेजनी होंगी। (प्रकाशन की स्थिति में विवरण सहित फोटो प्रतियां)

2)         सभी पुस्तकें सृजनात्मक हिन्दी/हरियाणवी भाषा के साहित्य की ही होनी चाहिए।

2.         राज्य स्तरीय पाठक श्री पुरस्कार :

1)         आवेदनकर्त्ता पाठक को गत एक वर्ष के दौरान 10 पुस्तकों का संक्षेप/ सार अथवा पुस्तक पर विचार (यदि वह किसी पत्र पत्रिका में प्रकाशित है तो फोटो प्रतियां) एवं 20 लेखकों या पत्रिकाओं को रचनाओं पर लिखे प्रतिक्रिया पत्रों की फोटो प्रतियां पूरे विवरण सहित भेजनी होंगी। (प्रकाशन की स्थिति में विवरण सहित फोटो प्रतियां)

2)         इस वर्ग में हिन्दी/हरियाणवी भाषा के साहित्य की सृजनात्मक पुस्तकें ही मान्य होगी।

इन योजनाओं के अन्तर्गत राष्ट्रीय व राज्यीय अकादमियों/सरकारों से सम्मान प्राप्त लेखक एवं पुस्तक पुरस्कार प्राप्त लेखक भाग नहीं ले सकेंगे। इन पुरस्कारों के लिए विशुद्ध रूप से पाठक को वरीयता दी जाएगी।   

V         साहित्यिक उत्सवों के आयोजन के लिये सहायतानुदान की नियमावली

स्वयंसेवी संस्थाओं को साहित्यिक उत्सवों के आयोजन के लिए आर्थिक सहायता देने सम्बन्धी नियमावली :

1. पात्रता

भाषा एवं साहित्य के विकास के लिए कार्य कर रही हरियाणा राज्य की स्वैच्छिक संस्थाएं, गैर-सरकारी शिक्षण संस्थाएं भी सम्मिलित हैं, इस योजना के अन्तर्गत अनुदान के लिए पात्र होंगी। यदि किसी संस्था के पदाधिकारी हरियाणा अधिवासी हैं, परन्तु उसका मुख्यालय चण्डीगढ़ अथवा दिल्ली में है, तो उस संस्था को हरियाणा राज्य स्थित माना जायेगा।

2.         साहित्यिक उत्सव का स्थान

        हरियाणा राज्य अथवा चण्डीगढ़ में आयोजित उत्सवों के लिए सहायतानुदान हेतु विचार किया जायेगा।

3.         साहित्यिक उत्सव का स्वरूप

हिन्दी, हरियाणवी में से किसी एक अथवा अनेक भाषाओं में निम्न स्वरूप वाले साहित्यिक उत्सवों के आयोजन के लिए सहायतानुदान पर विचार किया जायेगा:

1. कवि-सममेलन

2. कहानी गोष्ठी

3. लेखक गोष्ठी

4. नाटक व सांग

5. कविता / भाषण / वाद-विवाद / श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता

6. अन्य उत्सव जो हरियाणवी भाषा को विकसित करते हों

7. अन्य उत्सव, जिसे अकादमी निदेशक द्वारा साहित्यिक उत्सव माना जाये

4.         अनुदान की राशि

            अनुदान की राशि अकादमी द्वारा स्वीकृत की जायेगी, परन्तु यह निर्दिष्ट मदों के अन्तर्गत किए गए खर्च के जोड़ से अधिक नहीं होगी :

1.   पण्डाल, हॉल इत्यादि के किराये पर हुए खर्च पर अनुदान राशि 50 प्रतिशत।

2.   आमन्त्रित विद्वानों, वकताओ व कवियों को दिये गये मानदेय / पारिश्रमिक, मार्ग-व्यय तथा आवास पर हुए खर्च का 50 प्रतिशत।

3.   पुरस्कार राशि का 50 प्रतिशत।

4.   निमन्त्रण-पत्रों के मुद्रण तथा प्रेषण के खर्च का 50 प्रतिशत।

5.   भोजन तथा जलपान पर हुए खर्च का 50 प्रतिशत परन्तु शर्त यह है कि वह स्वीकृत कुल अनुदान के 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।

6.   अन्य व्यय, जिसे अकादमी निदेशक द्वारा साहित्यिक उत्सव से संबद्ध माना जाये, का 50 प्रतिशत।

5. प्रक्रिया

1.         संस्था द्वारा प्रस्तावित साहित्यिक आयोजन की तिथि से कम से कम एक मास* पूर्व निम्न सूचना देते हुए अनुदान के लिए आवेदन-पत्र अकादमी के कार्यालय में प्रस्तुत किया जायेगा :

क) संस्था का नाम

ख) डाक पता

ग) संस्था के पदाधिकारियों के नाम, पते

घ) संस्था के उद्देश्य

ड़) पिछले दो वर्षों के दौरान आयोजित साहित्यिक उत्सवों का विवरण

 

च) प्रस्तावित उत्सव का स्थान, तिथि, विस्तृत रूपरेखा तथा आमन्त्रित  किये जाने वाले वक्ताओं/   

   कवियों की सूची

छ) प्रस्तावित अनुमानित व्यय मदवार विवरण

ज) मांगे गये अनुदान की राशि

*यदि अकादमी निदेशक उचित समझें तो इस अवधि में छूट दे सकते हैं।

2.    आवेदन-पत्र प्राप्त होने पर विचार के अनन्तर अकादमी निदेशक द्वारा अनुदान स्वीकृत करने के सम्बन्ध में निर्णय लिया जायेगा तथा संस्था को इसकी सूचना दी जायेगी। एक आयोजन के लिए अधिकतम रूपये 10,000/- तक की अनुदान राशि का प्रावधान है।

3.       संस्था द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि आयोजन में कोई  ऐसी बात नहीं कही / पढ़ी जायेगी, जो अश्लील, राजनैतिक दृष्टि से आपतिजनक अथवा सांप्रदायिक एवं सामाजिक दृष्टि से भड़काने वाली हो।

4.       संस्था द्वारा मुद्रित निमन्त्रण-पत्र एवं बैनर पर अकादमी के सहयोग का उल्लेख किया जायेगा तथा एक निमन्त्रण-पत्र आयोजन की तिथि से एक सप्ताह पूर्व अकादमी के कार्यालय में पहुंचाया जायेगा, ताकि अकादमी द्वारा प्रेक्षक भेजा जा सके।

5.       संस्था द्वारा आयोजन पर किये गये वास्तविक व्यय का विवरण बिलों की सत्यापित प्रतियेां सहित अकादमी को भेजा जायेगा।

6.      संस्था द्वारा प्रस्तुत आय और व्यय का पूर्ण विवरण रखा जायेगा तथा मांग किए जाने पर अकादमी के प्रतिनिधि को दिखाया जायेगा।

7.      संस्था द्वारा यह प्रमाण-पत्र दिया जायेगा कि किसी भी अन्य अकादमी, संस्था द्वारा अथवा सरकार से उसी आयोजन के लिए कोई सहायतानुदान नहीं लिया गया तथा न ही लिया जायेगा।

8.         आयोजन के मुखय अतिथि, अध्यक्ष, विशेष अतिथि एवं वकताओ/कवियों के नामों की पूर्व स्वीकृति अकादमी से ली जाएगी।

8.     सहायतानुदान से संस्था द्वारा आयोजित समारोह में दर्शकों, श्रोताओं के प्रवेश पर कोई शुल्क नहीं लगाया जायेगा।

9.     संस्था द्वारा प्रस्तुत वास्तविक व्यय विवरण तथा अकादमी प्रेक्षक की रिपोर्ट पर विचार करने के अनन्तर अनुदान राशि का भुगतान किया जायेगा। यदि अकादमी द्वारा परिकलित राशि पूर्व स्वीकृत राशि से कम होगी तो इस कम राशि का भुगतान किया जायेगा। अनुदान राशि का भुगतान संस्था के नाम से चैक के माध्यम से ही किया जाएगा।

10.       संस्था द्वारा व्यय वाउचरों के साथ समारोह के छाया, चित्र व प्रेस की कतरन भेजी जानी आवश्यक हैं।

 

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